
काम शुरू होने से पहले ही ₹88,551 के दो बिल, ग्रामीणों की आवाज उठने के बाद जल्दबाजी में शुरू हुआ निर्माण कार्य
27/08/2026 · Ranjeet
काम शुरू होने से पहले ₹88,551 के दो बिल, ग्रामीणों की आवाज उठी तो शुरू हुआ निर्माण
मेहंदीवाड़ा। ग्राम पंचायत मेहंदीवाड़ा में एक निर्माण कार्य को लेकर पंचायत के रिकॉर्ड और मौके की स्थिति के बीच अंतर सामने आया है। उपलब्ध दस्तावेजों और पंचायत दर्पण के screenshots के अनुसार संबंधित निर्माण कार्य के लिए दो बिल दर्ज किए गए हैं, जिनकी राशि क्रमशः ₹60,051 और ₹28,500 है। दोनों बिलों की कुल राशि ₹88,551 है।
पंचायत दर्पण में दिखाई दे रहे “कार्य के बिलों का विवरण” के अनुसार दोनों बिलों में विक्रेता का नाम Pankaj Kumar Parve दर्ज है। एक बिल की तारीख 27/07/2026 तथा दूसरे की तारीख 03/08/2026 दिखाई दे रही है।
उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार निर्माण सामग्री से संबंधित बिल लगाए गए थे। वहीं स्थानीय स्तर पर सामने आई जानकारी के अनुसार इन बिलों के लगाए जाने के समय संबंधित निर्माण कार्य को मौके पर शुरू नहीं किया गया था।
ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत द्वारा कार्य के लिए राशि से संबंधित बिल लगाए जाने और राशि के आहरण/भुगतान की प्रक्रिया किए जाने के बावजूद जब मौके पर काम शुरू नहीं हुआ, तब इसकी जानकारी धीरे-धीरे ग्रामीणों को हुई।
मामले की जानकारी ग्रामीणों तक पहुंचने के बाद लोगों द्वारा इस विषय को लेकर आवाज उठाई गई। इसके बाद पंचायत द्वारा जल्दबाजी में संबंधित कार्य को मौके पर शुरू कराया गया।
वर्तमान में निर्माण स्थल की तस्वीरों में नींव की खुदाई, लोहे के सरियों की संरचना, रेत एवं अन्य निर्माण सामग्री दिखाई दे रही है। इससे यह स्पष्ट है कि अब कार्य धरातल पर प्रारंभ हो चुका है।
₹88,551 के बिल और जमीनी स्थिति
उपलब्ध दस्तावेजों में:
बिल दिनांक 27 जुलाई 2026 — ₹28,500
बिल दिनांक 03 अगस्त 2026 — ₹60,051
दोनों बिलों की कुल राशि — ₹88,551
विक्रेता — Pankaj Kumar Parve
दर्ज दिखाई देता है।
यहाँ यह स्पष्ट करना जरूरी है कि बिल की उपलब्ध तस्वीरें अपने आप में यह प्रमाणित करतीं कि पूरी राशि अंतिम रूप से बैंक खाते में भुगतान हो चुकी थी। राशि के वास्तविक आहरण/भुगतान की पुष्टि के लिए पंचायत के भुगतान रिकॉर्ड, बैंक विवरण अथवा संबंधित वित्तीय अभिलेखों का सत्यापन आवश्यक होगा।
ग्रामीणों के सवाल के बाद शुरू हुआ काम
ग्रामीणों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य के लिए सामग्री के बिल पहले ही प्रस्तुत किए जा चुके थे, तो मौके पर निर्माण कार्य शुरू क्यों नहीं किया गया? और यदि कार्य शुरू नहीं हुआ था, तो संबंधित बिलों के आधार पर भुगतान/आहरण किस आधार पर किया गया?
ग्रामीणों द्वारा आवाज उठाए जाने के बाद अब कार्य शुरू होना इस मामले को और महत्वपूर्ण बनाता है। ऐसे में यह आवश्यक है कि संबंधित कार्य में स्वीकृत राशि, बिलों में दर्शाई गई सामग्री, वास्तविक रूप से मौके पर पहुंची सामग्री, निर्माण की मात्रा और मौके पर किए गए कार्य का आपस में मिलान किया जाए।
रिकॉर्ड और मौके की स्थिति का सत्यापन जरूरी
उपलब्ध दस्तावेजों में दिखाई दे रहे बिल और मौके पर कार्य शुरू होने की स्थिति के आधार पर वित्तीय एवं तकनीकी अभिलेखों का निष्पक्ष सत्यापन आवश्यक दिखाई देता है।
जांच में यह देखा जाना चाहिए कि:
बिल कब लगाए गए, भुगतान/आहरण कब हुआ, निर्माण सामग्री कब खरीदी गई, सामग्री वास्तव में मौके पर कब पहुंची और निर्माण कार्य कब से शुरू हुआ।
जनता के पैसों से होने वाले प्रत्येक विकास कार्य में रिकॉर्ड और जमीनी स्थिति का आपस में मेल होना पारदर्शिता के लिए आवश्यक है।
मेहंदीवाड़ा में विकास कार्यों की जमीनी स्थिति और पंचायत के उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर ग्राउंड रिपोर्ट जारी है।
मेहंदीवाड़ा। ग्राम पंचायत मेहंदीवाड़ा में एक निर्माण कार्य को लेकर पंचायत के रिकॉर्ड और मौके की स्थिति के बीच अंतर सामने आया है। उपलब्ध दस्तावेजों और पंचायत दर्पण के screenshots के अनुसार संबंधित निर्माण कार्य के लिए दो बिल दर्ज किए गए हैं, जिनकी राशि क्रमशः ₹60,051 और ₹28,500 है। दोनों बिलों की कुल राशि ₹88,551 है।
पंचायत दर्पण में दिखाई दे रहे “कार्य के बिलों का विवरण” के अनुसार दोनों बिलों में विक्रेता का नाम Pankaj Kumar Parve दर्ज है। एक बिल की तारीख 27/07/2026 तथा दूसरे की तारीख 03/08/2026 दिखाई दे रही है।
उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार निर्माण सामग्री से संबंधित बिल लगाए गए थे। वहीं स्थानीय स्तर पर सामने आई जानकारी के अनुसार इन बिलों के लगाए जाने के समय संबंधित निर्माण कार्य को मौके पर शुरू नहीं किया गया था।
ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत द्वारा कार्य के लिए राशि से संबंधित बिल लगाए जाने और राशि के आहरण/भुगतान की प्रक्रिया किए जाने के बावजूद जब मौके पर काम शुरू नहीं हुआ, तब इसकी जानकारी धीरे-धीरे ग्रामीणों को हुई।
मामले की जानकारी ग्रामीणों तक पहुंचने के बाद लोगों द्वारा इस विषय को लेकर आवाज उठाई गई। इसके बाद पंचायत द्वारा जल्दबाजी में संबंधित कार्य को मौके पर शुरू कराया गया।
वर्तमान में निर्माण स्थल की तस्वीरों में नींव की खुदाई, लोहे के सरियों की संरचना, रेत एवं अन्य निर्माण सामग्री दिखाई दे रही है। इससे यह स्पष्ट है कि अब कार्य धरातल पर प्रारंभ हो चुका है।
₹88,551 के बिल और जमीनी स्थिति
उपलब्ध दस्तावेजों में:
बिल दिनांक 27 जुलाई 2026 — ₹28,500
बिल दिनांक 03 अगस्त 2026 — ₹60,051
दोनों बिलों की कुल राशि — ₹88,551
विक्रेता — Pankaj Kumar Parve
दर्ज दिखाई देता है।
यहाँ यह स्पष्ट करना जरूरी है कि बिल की उपलब्ध तस्वीरें अपने आप में यह प्रमाणित करतीं कि पूरी राशि अंतिम रूप से बैंक खाते में भुगतान हो चुकी थी। राशि के वास्तविक आहरण/भुगतान की पुष्टि के लिए पंचायत के भुगतान रिकॉर्ड, बैंक विवरण अथवा संबंधित वित्तीय अभिलेखों का सत्यापन आवश्यक होगा।
ग्रामीणों के सवाल के बाद शुरू हुआ काम
ग्रामीणों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य के लिए सामग्री के बिल पहले ही प्रस्तुत किए जा चुके थे, तो मौके पर निर्माण कार्य शुरू क्यों नहीं किया गया? और यदि कार्य शुरू नहीं हुआ था, तो संबंधित बिलों के आधार पर भुगतान/आहरण किस आधार पर किया गया?
ग्रामीणों द्वारा आवाज उठाए जाने के बाद अब कार्य शुरू होना इस मामले को और महत्वपूर्ण बनाता है। ऐसे में यह आवश्यक है कि संबंधित कार्य में स्वीकृत राशि, बिलों में दर्शाई गई सामग्री, वास्तविक रूप से मौके पर पहुंची सामग्री, निर्माण की मात्रा और मौके पर किए गए कार्य का आपस में मिलान किया जाए।
रिकॉर्ड और मौके की स्थिति का सत्यापन जरूरी
उपलब्ध दस्तावेजों में दिखाई दे रहे बिल और मौके पर कार्य शुरू होने की स्थिति के आधार पर वित्तीय एवं तकनीकी अभिलेखों का निष्पक्ष सत्यापन आवश्यक दिखाई देता है।
जांच में यह देखा जाना चाहिए कि:
बिल कब लगाए गए, भुगतान/आहरण कब हुआ, निर्माण सामग्री कब खरीदी गई, सामग्री वास्तव में मौके पर कब पहुंची और निर्माण कार्य कब से शुरू हुआ।
जनता के पैसों से होने वाले प्रत्येक विकास कार्य में रिकॉर्ड और जमीनी स्थिति का आपस में मेल होना पारदर्शिता के लिए आवश्यक है।
मेहंदीवाड़ा में विकास कार्यों की जमीनी स्थिति और पंचायत के उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर ग्राउंड रिपोर्ट जारी है।